ढूँढने पर भी मिला नहीं कहीं तु
अय खुदा तेरा पता जो लिखा था ....
चंद मंदिर ,मस्जिद ,गिरजा ,गुरुद्वारेमें ढूँढा ,
मिला वहां हमें जो कभी सोचा ना था ..........
जिंदगी मेरे लिए ख्वाबोंके बादल पर उड़नेवाली परी है .!! जो हर पल को जोड़ते हुए बनती है, और उन हर पलोंमें छुपी एक जिंदगी होती है ....
22 जुलाई 2011
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