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15 अगस्त 2012

ये है पंद्रह अगस्त .....

सड़कके किनारे प्लास्टिकका तिरंगा बेच रहा है बचपन ..
पूछा उसे तो कहा इसे बेचकर शामको माँ की दवाई आएगी ......
ये है पंद्रह अगस्त ....
सात सितारा होटलमें  एक बड़ी सी दावत है
देश के सभी नेता,अभिनेता ,उद्योगपति आमंत्रित है,
ये है पंद्रह अगस्त .....
आज दफ्तरमें छुट्टी है , काम पर नहीं जाना है ,
चलो नयी फिल्म देखकर बाहर डिनर पर जाना  है ,
ये पंद्रह अगस्त है ....
स्कुलके मैदानमें ध्वजवंदनका कार्यक्रम है ,
कुछ रंगारंग प्रोग्राम भी है ,आज स्कुलमें न पढना है ,
ये पंद्रह अगस्त है .....
सुस्ताती सड़कें और मौन माहोल है आज ,
सिर्फ राजनेता ,स्कुल और सरकारी दफ्तरमें चहल पहल है ,
ये पंद्रह अगस्त है ........
कुछ सड़के फूटपाथ है जहाँ बसने वाले केलेंडरके मोहताज कहाँ ??
बस उठकर काम पर जायेंगे तो पेट शाम भर पाएंगे ,
बस इसी फ़िक्रमें उनकी उम्र कट जाती है ...
ये पंद्रह अगस्त है .....
भाकरा  नांगल डेमके साथ सरदार सरोवर खड़ा है ,
नर्मदाका नीर साबरमतीमें बहा है ,
बड़े बड़े जले एक्सप्रेस हाई वे से ये देशके गाँव शहर जुड़ गए है ,
और आकाश का ट्राफिक भी बढ़ा  है ,
जाडू बुहारने वाला भी मोबाइल पर बतियाता है ,
छोटा बच्चा भी मुफ्तमें पढ़ लिख पाता  है गरीबका भी ,
तरक्की का माहोल है भ्रष्टाचारके कीचड़के बीच भी ,
बस बम धमाकोसे हर इंसान डरता रहता है ...
जिंदगी पनप रही है डरके आँचल तले भी ....
ये भारत तब पैंसठ साल का युवा कहलाता है ....
आज जन्मदिन है जिसका वो भारत कहलाता है ...
जो  पंद्रह अगस्त स्वतंत्रता दिन  है .............


26 जनवरी 2012

६३ वा गणतंत्र दिवस ....२६ जनवरी -२०१२

देखो सार्वभौमत्व हमने जो पाया है ,
हमें स्वतन्त्र जीवन जिनका अधिकार संविधानने दिलाया है ,
आज वैयक्तिक आय का आंकड़ा पैंतालिस हजार के पार है ,
आम आदमी की पहुँचमें भी फ्लेट ,नौकरी और कार है ....
छोटे से गाँवमें भी अब बिजली और शिक्षणका स्थान है ,
फिर भी हर विकाससे जुडी हुई दूषणकी भी भरमार है ..
जुड़ा है इंसान आज दुनियाके हर कोनेसे ,
दुनियाभरके बाज़ारकी नज़र भी भारतकी और मुड़ी है ...
बजाता है आम आदमी महेंगाई और भ्रष्टाचारकी बिन 
पर आज जरा खुदसे भी पूछ 
तुने कितनी निभाई है देशके प्रति जिम्मेदारी वो भी तो गिन !!!
बिना कर्तव्य निभाए हक्क पा लेनेकी ये महामारी है ,
सब कुछ मिलने पर भी कुछ न देनेकी ये कैसी लाचारी है ???????

26 नवंबर 2009

छब्बीस ग्यारह ...


आज छब्बीस नवम्बर है ... मुंबई के आतंकवादी हादसे की पहली बरसी ...


जेड ग्रेड सेक्योरिटी बगैर एक कदम घर के बाहर नहीं निकालने वाले भ्रष्ट राजनेताओंके चेहरे पर करारी थप्पड़ मारनेवाले वो मुंबई पुलिस के जांबाज़ पुलिस कर्मी अफसर ,जवानों की शहादत ,निर्दोष लोगोका आतंककी वेदी पर अपनी जानका बलिदान ,और एन एस जी कमांडो की वीरता भरी कार्यवाही को मेरा सलाम ....


आज आपके देशप्रेम के आगे हम सभी भारतवासीयों का शिर नतमस्तक है ......

30 जनवरी 2009

शहीद दिन :३० जनवरी



सुलगती सांसोसे आंखो में तपिश छा गई है ...

दिल टूटने का गुमां है ये की अश्कों की टूटने पर बंदिश आ गई ॥

आज फख्र है तुम्हारी जिंदगानी पर जो एक उम्दा मिसाल बनी ...

कायम रहेगी यहाँ की सरजमीं पर दास्ताँ जो तुने खूनसे लिखी ॥

चैनकी नींदे बख्शते रहे तुम अपनी रातोंकी नींदे कुर्बान कर ,

नत मस्तक होता है हमारा शीश अय सरहद के रखवाले ....

फिरभी जलन है एक दिल में!!

जान तक फना कर गए जिस पर ,

कुर्बानी तुम्हारी समज पाने को तख्त नशीं लोग लायक भी है ???

बुलेट प्रूफ़ बख्तर को सजाकर छाती पर रक्षकों से घिरे निकलते है बाहर ,

हमारी आजादी की रक्षा क्या इन कायरों के हाथों में है ??

अपनी तिजोरी को भरने के लिए वो तुम्हारे कफ़न भी बेच आयेंगे ,

अपने स्वार्थ की ताक पर वो तुम्हारी लाश का भी सौदा कर जायेंगे ....

बारूद के गोले भी शरमाते है जिनकी सौदेबाजी की करतूतों पर ,

क्या करे ये कलम बिचारी ?

जो अकेले में यूं कागज़ पर रो लेती है .....

हम भी मजबूर है पर क्या करें ??

तुम्हारी तरह सैनिक बनने को हमारा दिल भी करता है ,

पर मल्टीनेशनल में पगार वहां से ज्यादा मिलती है ...

विशिष्ट पोस्ट

मैं यशोमी हूँ बस यशोमी ...!!!!!

आज एक ऐसी कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ जो लिखना मेरे लिए अपने आपको ही चेलेंज बन गया था । चाह कर के भी मैं एक रोमांटिक कहानी लिख नहीं पायी ...