बिखरी हुई जुल्फोंका अफसाना हम कैसे कहें उनसे ?
गर कहें की पवन आज दिल्लगी कर रहा था छेड़ते हुए
तो इश्क जलकर खाक हो जाने का डर है ....
धीरेसे कह दिया कानोमे उनके
ये तो तेज हवाके झोंकोने चिलमन गिरा दी चेहरे पर मेरे
तुम्हारे सिवा कोई इसका दीदार ना कर सके ....
जिंदगी मेरे लिए ख्वाबोंके बादल पर उड़नेवाली परी है .!! जो हर पल को जोड़ते हुए बनती है, और उन हर पलोंमें छुपी एक जिंदगी होती है ....
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
विशिष्ट पोस्ट
मैं यशोमी हूँ बस यशोमी ...!!!!!
आज एक ऐसी कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ जो लिखना मेरे लिए अपने आपको ही चेलेंज बन गया था । चाह कर के भी मैं एक रोमांटिक कहानी लिख नहीं पायी ...
-
आज के ज़माने में हम जिस रफ्तारसे जिंदगी में भाग रहे है उसमें बस एक ही चीज का अभाव हमें खाए जा रहा है और वह है फुरसत ...!!!!ढूंढो सुबह से शाम ...
-
अब हम जा रहे है अपने इस भ्रमणके तीसरे पड़ाव की ओर .... जैसे की आपसे मैंने पहले भी बताया था की मेरी सबसे पसंदीदा जगह है ऋषिकेश हरिद्वारसे तकर...
bahut khoob andaaz-e-bayaan
जवाब देंहटाएं