एक सुन्दर सपना था ,
पलकोंसे निकला था ,
उसे दुनिया देखनी थी ,
उसका पैर फिसल गया ....
वो जमीं पर गिर गया ,
वो बैठे बैठे रोने लगा ,
उसके आंसू फर्श पर गिर गए ,
वो तो मोती बन गए ,
सपना हंस दिया ,
उसने कहा देखो आंसू ने मोती दिया ,
उसने बिलकुल सच कहा ....
इंसानकी हँसी बनावटी चाहे जो है ,
मोती बनने वाले आंसू तो सच्ची के होते है ....
जिंदगी मेरे लिए ख्वाबोंके बादल पर उड़नेवाली परी है .!! जो हर पल को जोड़ते हुए बनती है, और उन हर पलोंमें छुपी एक जिंदगी होती है ....
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