25 अगस्त 2010

कौन हो तुम ???

कोई नगमेका सूर हो तुम ???...
एक तरन्नुम हो या एक ग़ज़ल ???...
एक साज एक आवाज एक बदला सा एहसास हो तुम ....
साँसोंमें समाकर दिल में उतरता हुआ एक अनदेखा ख्वाब हो तुम ....

1 टिप्पणी:

  1. hummmmmmmm साँसोंमें समाकर दिल में उतरता हुआ एक अनदेखा ख्वाब हो तुम .... mujhe kuch gadbad lagti hai...
    waise kuch alag hai....!!

    Jai ho mangalmay ho

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