6 जून 2010

करवट

हौले से करवट लेती है मौसम ,

गरम सूरज पहने हुए स्वेटर हटा देता है ....

गरम सूरज करने लगता है मोहब्बत टूट कर धरतीसे ,

तो काले बादल आकर इस मोहब्बतसे जलकर

आंसू बहाने लगते है .......

छाते और रेनकोटसे ढंककर इंसान अपने को बचाता है उससे ,

क्या जाने ये अनजाना ये मौसममें भीगकर

कौनसी ख़ुशी को गँवा कर आता है ...

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