8 जनवरी 2012

तुमको देखा तो ये ख्याल आया

कभी कभी मेरे दिलमें ख्याल आता है ,
जब किसीकी तरफ दिल झुकने लगे ,
बात आकर जुबाँ पर रुकने लगे ,
तब ..
मैं और मेरी तन्हाई अक्सर ये बातें करते है ,
जिंदगी कैसी है पहेली हाये ..
कभी ये हंसाये कभी ये रुलाये !!!!
फिर ...
चाँद आहें भरेगा फूल दिल थाम लेंगे ,
हुस्न की बात चली तो सब तेरा नाम लेंगे ...
और हम कहेंगे ..
तुमको देखा तो ये ख्याल आया
जिंदगी धुप तुम घना साया ...
उन साएमें बैठकर
सोचा किये हम ...
हम जो चलने लगे चलने लगे है ये रास्ते
हाँ मंजिल से बेहतर लगने लगे है ये रास्ते ...
और पीछे से तुमने पुकारा ...
रुक जा ओ दिल दीवाने
पुछू तो मैं जरा ...
सामने ये कौन आया दिलमे हुई हलचल .......
और आँख खुल गयी ...
तब जाना ...
दो पल रुका ख्वाबो का कारवां और
 फिर चल दिए तुम कहाँ हम कहाँ ???
जानती हूँ :
तेरी मेरी मेरी तेरी प्रेमकहानी है मुश्किल
दो लब्जो में ये बयां न हो पाए ..
और ये पूरी कहानी जिसके लिए थी
एक आलू और एक भिन्डी की ये कहानी है नयी
दो लब्जो में ये बयां न हो पाए ....

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