7 अप्रैल 2011

एय सूरज तु बता जरा

रोशन होता है ये जहाँ
जब सूरज की किरन छूती है धरती को ...
कोई जाकर सूरजसे पूछे कभी
कितना जलना पड़ता है रोशन होने के लिए ....
बता सूरज तु भी
एक बार खुद में समेटे अँधेरे को
कौन से दिए से रोशन करता है तु ???
खुद को जला जला कर शमा भी पिघलती है
दिया भी बुझ जाता है
रह जाता है पिघला मोम
या राख़ ही नज़र आती है .......

1 टिप्पणी:

विशिष्ट पोस्ट

मैं यशोमी हूँ बस यशोमी ...!!!!!

आज एक ऐसी कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ जो लिखना मेरे लिए अपने आपको ही चेलेंज बन गया था । चाह कर के भी मैं एक रोमांटिक कहानी लिख नहीं पाय...