16 अगस्त 2010

उसका वजूद

उसका चेहरा मेरी सुबह है ,
उसकी आवाज़ मेरी आजान है ....
उसकी मुस्कान मेरी आरती है ...
उसका वजूद मेरी जान है ....
बस उस जान का ओज़ल हो जाना पलकोंसे
मुझे कर देता बेजान है ....

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