जिंदगी मेरे लिए ख्वाबोंके बादल पर उड़नेवाली परी है .!!
जो हर पल को जोड़ते हुए बनती है,
और उन हर पलोंमें छुपी एक जिंदगी होती है ....
4 अगस्त 2010
चाह ...
आज आसमांके आंसू की भाषा समजी बेबस थे वह भी ,ना जाने वो संदेस जो भेजा था किसी बावरीने पियाको अपने , बूंदोंके साथ कहीं फिसल गया ....... =============================== बस एक चाह बन गयी है तुम्हे भूल जाऊं सब कुछ भूल गया हूँ बस तुम्हे भुला ना पाया ....
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