27 मई 2010

सपना

दिनमें ये सितारों की बारात है ,
वो तो गोरी हथेलियों पर चाँदको सजानेकी बात है ,
जिसे ना देखा कभी इन आँखोंसे रूबरू
उसके साथ जिंदगी साथ गुजारनेके वादेकी बात है .....
कभी फूलोंकी शक्लोंमेएक हंसती हुई उस ग़ज़लकी बात है ....
तनहा ही है हम इस कमरेमेउनसे
इस तनहाईमें ख़ामोशीसे की सारी बातें है ....
दावा करते है हम की वो तो हमारे दिलमें है बसे सदा के लिए
कल रात भर के लिए बिछड़ना हुआ उनसे
दिल को समजाया हमने ये तो छोटीसी हिजर की रात है ....
साथ साथ चलना हमारे कदम दर कदम
बस आँखोंके जपकने की बात है
साँसोंमें घुल चूका हो जो पलक झपकते
ही उस हसीं सपने की ओज़ल हो जाने की बात है ....

1 टिप्पणी:

  1. wow .... i am follower of this blog. i daily read this blog. please keep update it.

    Thanx.
    Deepak Pradhan
    rajasthan
    India

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