20 जुलाई 2009

तन और मन

पाँव थक जाते है कभी लंबा चलते हुए ,

मन कभी थकता नहीं पाया ....

हाथ छालोंसे भर गए मेरे पर

दिल को जलता नहीं पाया मैंने .......

==================================

जवां रहता है इंसान अपने तरोताजा मनसे ,

तन पर ज़ुर्रियाँ चाहे कितनी ही पड़ जाए ......

कठिन काम हो कितना ही मगर

हौसलेसे जवां लोगको उम्र का तकाज़ा न रुका पाए .......

3 टिप्‍पणियां:

विशिष्ट पोस्ट

मैं यशोमी हूँ बस यशोमी ...!!!!!

आज एक ऐसी कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ जो लिखना मेरे लिए अपने आपको ही चेलेंज बन गया था । चाह कर के भी मैं एक रोमांटिक कहानी लिख नहीं पाय...