1 जनवरी 2009

छोटी आशा .....



नए सालका ये है नया महिना और नया दिन भी !!!!!


उम्मीदें होती है हमारी हर नए पल से खास !!!!

पर ये साल एक नए मोड़ पर चलते है ...

उम्मिदोंके घरौंदे नहीं बनाते आज ...

बस एक नई राह चुनकर उस पर एक नया रास्ता बनाते हैं ....

बर्फ की ठंडकसा , आगकी तपिशसा ,

हौले हौले बरसते मेघा सा ...

थोड़ा सा थमा सा ,थोड़ा सा मचलता ,थोड़ा नाचता सा ,

पर आज ,अभी ,इसी वक्त के पल को भरपूर हमें जीना है ....



भगवान् सा या खुदासा बन्ने की ख्वाहिश तो नहीं ....

बस एक सच्चे इंसान बनने की चाह से जीना है .......

2 टिप्पणियाँ:

  1. बस एक सच्चे इंसान बनने की चाह से जीना है .....
    यही ख्वाइश होनी चाहिए. आभार. नव वर्ष आपके लिए भी मंगलमय हो.

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  2. आपको एवं आपके परिवार को नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाऐं.

    नियमित लेखन हेतु शुभकामनाऐं.

    समीर लाल

    उड़न तश्तरी

    http://udantashtari.blogspot.com/

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