कभी शाम को ढलते सूरज को देख
याद आता है हर सुबह एक संध्या को छुपाकर आती है ,
सूरजको देखकर याद आता है ,
कुछ उम्मीदे देकर गया था ,
शाम को पूछता है कुछ हुआ या नहीं ???
कभी हाँ बोल कर सर हिलाते है ,
कभी ख़ामोशी से ना कह देते है ,
फिर एक ढाढस बंधाता है मुझे ,
कल की सुबह कुछ जरूर लेकर आएगी ......
जिंदगी मेरे लिए ख्वाबोंके बादल पर उड़नेवाली परी है .!! जो हर पल को जोड़ते हुए बनती है, और उन हर पलोंमें छुपी एक जिंदगी होती है ....
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फिर एक ढाढस बंधाता है मुझे ,
जवाब देंहटाएंकल की सुबह कुछ जरूर लेकर आएगी ......
इसी उम्मीद के सहारे ज़िन्दगी गुजर जाती है…………बेहद खूबसूरत अभिव्यक्ति।
बेहतरीन !
जवाब देंहटाएंकल की सुबह पर विश्वास बना रहे , यह आस बनी रहे !
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