एक पंछी को सीखना है पंख पसारना ,
एक पंछी को पंखो को खोलना सिखा दो ,
बहुत उड़ाने कैद है छोटे छोटे पंखो में ,
आओ उसमे आसमां की उचाइयां भर दो .....
ख्वाहिशोंसे ऊँचे होसलो पर सवार उसका मन ,
देखो गगन छूकर निकल जाने को बेक़रार है ........
एक पेड़ की टहनी है उसके ठहरने के इंतज़ार है ,
कुछ तिनके पड़े है राहोंमें उसका घोसला बनने को ,
कुछ दाने बिखरे है एक घर के अहातेमें चुगनेके इंतज़ारमें ,
बस एक बार पंख फैला दे तु ,
सारी कायनात तेरी स्वागत में बेक़रार है ........
जिंदगी मेरे लिए ख्वाबोंके बादल पर उड़नेवाली परी है .!! जो हर पल को जोड़ते हुए बनती है, और उन हर पलोंमें छुपी एक जिंदगी होती है ....
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khoobsurat guzarish
जवाब देंहटाएंबहुत ही सुन्दर शब्द ।
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