24 मार्च 2011

हम लौट आये ...

एक नयी दिशामें जाना था ,
वो पुराना चेहरा दिख गया ,
उसके पीछे खींचे चले गए ,
और लौटकर हम फिर घर आ गए ....

2 टिप्पणियाँ:

  1. क्या बात है..बहुत खूब....बड़ी खूबसूरती से दिल के भावों को शब्दों में ढाला है.

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  2. रंगों का त्यौहार बहुत मुबारक हो आपको और आपके परिवार को|
    कई दिनों व्यस्त होने के कारण  ब्लॉग पर नहीं आ सका
    बहुत देर से पहुँच पाया ....माफी चाहता हूँ..

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