11 नवंबर 2010

इंतज़ार ...

कल आऊंगा मिलने आपसे
करीब पॉँच साल पहले उसने मुझे कहा था ,
तक तक अँखियाँ थक गयी
पर वो आया नहीं ....
कोई मजबूरी रही होगी
या कोई मुझे ढाढस बंधाने के लिए कहा होगा ,
पर एक बात हो गयी
उसका इंतज़ार मेरी जीने की वजह बन गया ....
एक उम्मीद मेरी साँसों को जिन्दा कर गयी ....

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