5 नवंबर 2010

दीपावली ...


जिंदगी का रौशन हर दिन है ,
हर सुबह कुछ खास ,हर शाम भी हसीं है ,
तुम हो जब साथ तो हर दिन दशहरा है
तुम हो जब साथ तो हर रात दीवाली है ,
बस दीपकसे जलते रहे ,खुद को कुर्बान करते रहे ,
इस दुनिया को जरूरत है उजाले की ,
चलो आज दिल को खुद के रोशन करते रहे ......
दिया जलता जब तक तेल बाकी है ,
ये दिल है इसमें अभी कुछ कर गुजरने का अरमां बाकी है ...,
ये उजाले की लौ को ना ख़त्म होने दे....
आज कोई अँधेरी गली को रोशन कर चले .....

8 टिप्‍पणियां:

  1. हिन्दु, मुस्लिम, सिख, ईसाई
    जब सब हैं हम भाई-भाई
    तो फिर काहे करते हैं लड़ाई
    दीवाली है सबके लिए खुशिया लाई
    आओ सब मिलकर खाए मिठाई
    और भेद-भाव की मिटाए खाई

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  2. चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
    हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
    अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
    प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो॥
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
    सादर,
    मनोज कुमार

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  3. आप को भी सपरिवार दिपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ

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  4. दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें।

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  5. ज्योति पर्व के अवसर पर आप सभी को लोकसंघर्ष परिवार की तरफ हार्दिक शुभकामनाएं।

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  6. दीपावली का ये पावन त्‍यौहार,
    जीवन में लाए खुशियां अपार।
    लक्ष्‍मी जी विराजें आपके द्वार,
    शुभकामनाएं हमारी करें स्‍वीकार।।

    उत्तर देंहटाएं
  7. सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
    दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
    खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
    दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

    -समीर लाल 'समीर'

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  8. बहुत सुन्दर .
    अन्नकूट की बधाई !

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