21 सितंबर 2010

बस तुम ..तुम ही

कोई सवाल जिसका जवाब ना हो ...
एक जवाब जिसका कोई सवाल ना हो ....
सुलझी हुई उलझन कोई
बिना छेड़ा हुआ सुर कोई
बस तुम ...तुम ...तुम .....

4 टिप्‍पणियां:

  1. वाह!!!वाह!!! क्या कहने, बेहद उम्दा

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  2. प्रयास सराहनीय..अच्छे विचार

    दो शब्द शायद टाइप करते हुए गलत हो गए हैं
    सुल्जी
    सूर

    उत्तर देंहटाएं

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