16 दिसंबर 2009

हवाएं चली .....

हवाओंने कुछ ऐसा रुख कर दिया आज

दिलका दर्द आँखोंमें अश्क की जगह

होठों पर मुस्कराहट बन

खिलता चला गया .......

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अय खुदा जब होगा सामना तब तुझसे ये पूछेंगे ,

दिल दे दिया जब तब उसकी किस्मतमें बार बार टूटना क्यों लिख दिया ????

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दर्दकी कसक बन जाती है चिंगारी

अय बेवफा जब जहनमें नाम भी आता है तेरा ....

3 टिप्‍पणियां:

  1. अय खुदा जब होगा सामना तब तुझसे ये पूछेंगे ,

    दिल दे दिया जब तब उसकी किस्मतमें बार बार टूटना क्यों लिख दिया ????

    waah........bahut hi gahan .

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