22 जनवरी 2009

हर रात अजीब इत्तेफाक होता है ......



हर रात एक अजीब इत्तेफाक होता है
आप जब याद आते हो एक सितारा चमकता है,
ढूंढती है निगाह और सामना आयनेसे होता है,
उसमें अक्स हमारा नहीं आपका होता है.........

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जब खयालोंमें विरानीयां नजर आती है,
बहार बनकर उसमें याद आपकी समाई,
तनहा नहीं कोई मंझर इस जिंदगीका अब,
जहां कदम हमारे बढे आपकी दोस्ती साथ नजर आयी......

5 टिप्‍पणियां:

  1. ढूंढती है निगाह और सामना आयनेसे होता है,
    उसमें अक्स हमारा नहीं आपका होता है.........
    खूबसूरत रचना...वाह...
    नीरज

    उत्तर देंहटाएं
  2. ढूंढती है निगाह और सामना आयनेसे होता है,
    उसमें अक्स हमारा नहीं आपका होता है.........
    खूबसूरत रचना...वाह...
    नीरज

    उत्तर देंहटाएं
  3. usmein aks hamara nhi aapka hota hai


    bahut sundar panktiyan aur ahsaas

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुन्दरतम मनोभिव्यक्ति!


    ---आपका हार्दिक स्वागत है
    चाँद, बादल और शाम

    उत्तर देंहटाएं

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