15 दिसंबर 2008

हरी का द्वार : हरिद्वार .......



भारत विविधताओं का देश है यहाँ प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की भरमार है मुजे खास कर विविध स्थलों पर घूमने का शौक रहा है मैं अपने घूमे हुए पर्यटनस्थलों में से कुछ स्थलों का विवरण अपने शब्दो में देना चाहूंगी


१।हरिद्वार -एक आस्थालू यात्री के लिए उत्तरांचल का यह सुंदर स्थल पवित्र पावनी गंगा इधरसे ही हिमालय पिता की गोद छोड़कर मैदान में प्रवेश करती है उसका निश्छल बहता जल हमारे मन में श्रद्धा के दीप जलाता है हरकी पौडी का पवन घाट और उसकी संध्या आरती लब्जोंमें बयाँ नहीं कर सकते है ,यह सिर्फ़ एहसास का विषय है उसके किनारे बसे हुए कतारबंध मंदिरों की शोभा अवर्णनीय है कनखल और शांतिकुंज के गायत्री धामको भी अवश्य देखना चाहिए हम तीन बार यहाँ आ चुके है हरिद्वार की गलियोंमें पैदल घूमने का लुत्फ़ ही कुछ और है बाज़ार की लुभावनी कतारबंध दुकानों और प्रवासियों की चहल पहल देखते ही बनती है रोपवे वाले चंडी देवी और मनसा देवी के मन्दिर भी सुंदर है हम गंगा के घाट पर तीन घंटे उसके प्रवाह के सुन्दरता निहारते हुए बैठे रहे थे पानीमें पैर रखकर उसकी तेज धारा को देखते रहना एक सुंदर अनुभव है


मेरे प्रवासोमे मेरे पति की मेरी खास आदत है हम कभी जल्दी नहीं मचाते है हर जगह का पूर्णतया आनंद उठाते है जगह के विशेष पकवान का भी रसास्वाद करते है गोलगप्पे और चाट खाने का मज़ा ही कुछ और है लेकिन हमारे आस्थालुओं की एक बात हमें कतई पसंद नहीं आती हर जगह गंदगी का जैसे साम्राज्य फैला रखा होता है गंगा हमें पवित्र करती है लेकिन हम तो उसे गन्दा ही करते है क्या हम अपने को सुधार पाएंगे ?


उत्तरांचल की यह शुरुआत है


4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही मनोरम तीर्थ स्थल है. मैं दो बार वहां गया हूँ. सबसे पहले जब अपने प्यार से पहली बार देहरादून मिलने गया था. और उसको पहली बार देखा था. तब वापसी में हरिद्वार आया था. वो मेरी जिन्दगी का सबसे यादगार दिन था.

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  2. आपका ब्लॉग जगत में स्वागत है.

    लेखन जारी रखें. आपके यात्रावृतांत पहले भी पढ़ें है, काफी सुन्दर लिखती है.

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  3. बहुत अच्‍छा ...इंतजार रहेगा ,अगली कडियों का।

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  4. nice post.
    बहुत अच्छी रचना है । भावों और िवचारों का प्रखर प्रवाह है । मैने अपने ब्लाग पर एक लेख िलखा है-आत्मिवश्वास के सहारे जीतें िजंदगी की जंग-समय हो तो पढें और कमेंट भी दें-

    http://www.ashokvichar.blogspot.com

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