1 जून 2009

ऐसा क्यों ???

एक जुनूं जिगरमें ,

फ़िर भी ये कदम रुक जाते है ....

कहने को अभी कोई बात है दिलमें भी ,

फ़िर भी ये शब्द आज नि:शब्द हो जाते है .....

=====================================

हम कुछ कहते नहीं कुछ भी ,

फ़िर भी आप कुछ समज लेते हो ,

बिन मांगे ही कुछ सुकून

इन बेताब धडकनोंको बख्श देते हो .....

===================================

आपसे जुदा होने की बात इतनी बेकरारी है दे रही,

आपसे मिलने पर भी कुछ सुकून नहीं आज ,

कुछ गुजरे पलमें ख्याल चले जाते है ,

कुछ आने वाले जुदाई के पल के ख्याल रुला जाते है ......

2 टिप्‍पणियां:

  1. आपसे जुदा होने की बात इतनी बेकरारी है दे रही,

    आपसे मिलने पर भी कुछ सुकून नहीं आज ,

    कुछ गुजरे पलमें ख्याल चले जाते है ,

    कुछ आने वाले जुदाई के पल के ख्याल रुला जाते है ......


    vaah kya likha hai aapne....

    उत्तर देंहटाएं

विशिष्ट पोस्ट

मैं यशोमी हूँ बस यशोमी ...!!!!!

आज एक ऐसी कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ जो लिखना मेरे लिए अपने आपको ही चेलेंज बन गया था । चाह कर के भी मैं एक रोमांटिक कहानी लिख नहीं पाय...