1 जून 2009

ऐसा क्यों ???

एक जुनूं जिगरमें ,

फ़िर भी ये कदम रुक जाते है ....

कहने को अभी कोई बात है दिलमें भी ,

फ़िर भी ये शब्द आज नि:शब्द हो जाते है .....

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हम कुछ कहते नहीं कुछ भी ,

फ़िर भी आप कुछ समज लेते हो ,

बिन मांगे ही कुछ सुकून

इन बेताब धडकनोंको बख्श देते हो .....

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आपसे जुदा होने की बात इतनी बेकरारी है दे रही,

आपसे मिलने पर भी कुछ सुकून नहीं आज ,

कुछ गुजरे पलमें ख्याल चले जाते है ,

कुछ आने वाले जुदाई के पल के ख्याल रुला जाते है ......

2 टिप्पणियाँ:

  1. आपसे जुदा होने की बात इतनी बेकरारी है दे रही,

    आपसे मिलने पर भी कुछ सुकून नहीं आज ,

    कुछ गुजरे पलमें ख्याल चले जाते है ,

    कुछ आने वाले जुदाई के पल के ख्याल रुला जाते है ......


    vaah kya likha hai aapne....

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं