22 जुलाई 2011

तेरा पता .....

ढूँढने पर भी मिला नहीं कहीं तु
अय खुदा तेरा पता जो लिखा था ....
चंद मंदिर ,मस्जिद ,गिरजा ,गुरुद्वारेमें ढूँढा ,
मिला वहां हमें जो कभी सोचा ना था ..........

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

मैं यशोमी हूँ बस यशोमी ...!!!!!

आज एक ऐसी कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ जो लिखना मेरे लिए अपने आपको ही चेलेंज बन गया था । चाह कर के भी मैं एक रोमांटिक कहानी लिख नहीं पायी ...