29 जून 2016

ये बारिश !!!!!

तस्वीरो की बात







22 जून 2016

वादा

आज कल थोड़ा सा आलसी बनकर सूरज ,
बादलों में लिपट कर बैठा रहता है ,
वो हवाओं के तो पर निकलकर आये है ,
उड़ती फिरती रहती है यहाँ से वहां ....
बूंदों को छुपाए बादलों को कंधे पर बिठाकर  ,
इंतज़ार कर रही है धरती पर रुख करने का  ....
बादल और सूरज छुपनछुपाई खेलते है  ,
तब हवाएं थम जाती है  ,
 चेहरे पर पसीने की बुँदे जम जाती है  ...
नखरे मत दिखा अब तो  ,
चल आ जा बारिश अब के शाम को  ...
मिलने का वादा चाहिए तुमसे  .... 

4 जून 2016

मौसम

तन्हाई के जंगलों मे यादों के दरख्त पनपते है.
यहाँ पर भी मौसम होती है
औऱ मौसम के मिजाज भी बदलते हुए.
यहाँ भी पतझड और बहारो के काफिले,
यहाँ भी खुद से बिछडे औऱ खुद से जुड़े......

27 मई 2016

कभी खुद से

कभी खुद से नजर मिलाने की खता हो गई,
लगता है अब एक अजनबी से मुलाकात हो गई.
मैं देखती रही अक्स को अपने पुकार कर
नाम मेरा ही था फिर भी आवाज नई लगी.
अन्जान शहर की गली पहचानी सी लगती है,
अपनों की ही भीड़ है जिसमें मैं बेगानी लगने लगी.

17 मई 2016

फर्क

जलती हुई चाहत दिल में सुलग  रही थी ,
न जाने कहीं से शबनम की बून्द टपकी ,
झख्म पर हुई जलन कराह निकली यूँ ,
वो बून्द आंसू की थी नमक मिली ....
 कौन किसी से मिला है चाहकर कभी  ,
बस हमराही थी की साथ चलते चलते
पहचान हुई और लगा की जानते है हम
एकदूसरे को पिछले जन्म से  ....
क्या देखा की तुम अच्छे लगने लगे सबसे ,
क्या महसूस किया  बुरा तो कोई नहीं ,
मैं भी वही हूँ , हो तुम भी वही ,
फर्क शायद नजर नहीं नजरिये का होगा  ....!!!!

14 मई 2016

नब्ज़ में लहू

नब्ज़ में लहू नहीं लावा दौड़ता होगा शायद ,
दिलमे जब एक गूंज उठती थी तेरे नाम की ,
झुलसती हुई रातें बेमतलब यूँ ही गुजरती  ,
जब तेरा जिक्र मेरे सपनों  महफिलमें   होता...
बेतरतीब से बिखरे मेरे कागज़ यूँ ज्यों त्यों ,
लब्ज़ उभरते तेरे नाम को बयां करने और बिखर जाते  ....
वो आह थी , वो राह थी , वो चाह  थी यूँ ही सजी ,
मेरे ख्यालों के रेगिस्तानों में आज
जिसे आज भी तेरी ज़लक का इंतज़ार है शायद  ....
नज़्म बनते हुए मेरे आंसू के वो कतरे ,
दर्द को दिल से बहाकर   ले चले कफ़न ओढ़ाकर ,
फिर भी साँसे थिरकती है बेजानसी  जिस्म में  ..... 

18 मार्च 2016

कुछ गुजरी यादें ,

कुछ बीते दिन ,
कुछ गुजरी  यादें ,
कुछ टीस  कुछ हंसी  ,
सब बेमानी से लगते है ,
 ये जिंदगी रोज
 एक नया पन्ना खोलकर बैठती है ,
रोज ये चाहत होती है उसे कोरा छोड़ने की  ,
मैं मुंह फेर के बैठती हूँ  ,
दूसरे दिन वहां मेरी उदासी लिखी होती है  ...
ये वक्त अपनी कहानी लिखने आता है  ,
ये किस्मत उसे चलाती  होगी  ,
जिंदगी तो मेरी होती है  फिर भी  ,
वहां मेले लगते है जो मेरे होते हुए भी
कभी कभी अजनबी लगते है  ...
अफ़सोस या ख़ुशी के परे  एक जहाँ होता है  ,
मेरा मक़ाम अब शायद वहां होता है  .....

11 मार्च 2016

कभी कभी ये जिंदगी !!!

एक नदी गुजरती है ,
पथरीले पहाड़ों से ,कंटीली राहों से  ....
रौशनी का सैलाब लेकर रोज चलता है सूरज
कितना ज़ुलसता और सुलगता है दिन भर !!!!
न दिखती ये हवाएँ भी टकराती है किस किस जगहोंसे !!
कभी आग से गुजरती  है कभी बर्फीली वादियों से  ....!!!
एक नज़्म भी गुजरती है कलम से कागज़ के सफर में  ,
कितने कितने मक़ामसे उस गली से
जिसका नाम कभी ख़ुशी के गली है
या है फिर दर्द का शहर !!!!....
बस्ती से विरानो से हर मोड़ से पहचान है उसकी  ,
बस खुद से पहचानना भूल जाती है कभी कभी ये जिंदगी !!!

10 मार्च 2016

मतलब की....

सुना था हमने धरती को पानी की प्यास होती है ,
क्या हुआ ऐसा की ये अब खून से सींची जाने लगी ?????
पहले इंसान ही था की गाय को रोटी और पंछी को दाना देता ,
अब गरीबों के हाथ से भी रोटी छीनी जाने लगी ???
पहले तो किसी के दर्द में साथ बैठ कर हल ढूंढा जाता था ,
अब दुःखमे साथ देने के लिए कंधे की नाकाम कोशिशें की जाने लगी ???
पहले जिंदगी की किताब खुली रहा करती थी ,
अब उसे पासवर्ड से लोक की जाने लगी ????
कभी इंसान इंसान की तारीफ पीठ थपथपा कर किया करता था ???
अब तो फेसबुक पर सिर्फ लाइक्स से पहचान की जाने लगी ???
एक भुलावे में जीने लगा है आज का इंसान ,
देखो कितने सारे लोग मुझे जानते है मुझसे बतियाते है  ,
ये भरम पाल कर रखता है हरदम  ,
सच में तो एक कमरे में मुठ्ठी में कैद मोबाईल में ख़ुशी ढूंढी जाने लगी ???


27 जनवरी 2016

हेलो ....... !!!

आसमानोंमें जम रही थी हवाएँ ,
बर्फ बनकर गिर रही थी रुई सी  ....
वो अंगीठी की तपिश से खुद को
गर्म करने की नाकाम कोशिशें
बदनमें सिरहन बनकर उमड़ रही थी  ....
आसमान चुप था  ,
जुगनू बैठ गए थे छुपकर  ,
रातका वो मध्धम संगीत भी सो रहा था  ,
चाँद खोज रहा था बादलों का दुशाला  ,
सितारों को ये ख़ामोशी अच्छी लग रही होगी शायद
इसी लिए वो सारे वैसे ही टीम टीमा रहे थे  ...
ऐसे में मेरे फोन का बजना
और धीरी आवाज से वो तुम्हारा कहना
हेलो  ....... !!!