15 जून 2011

और कितना तरसाओगे ???बदरा!!!

एक कोरी कोरी हवा है ,
एक कोरा कोरा बादल है ,
एक कोरी कोरी आंखोमे
एक भीगा भीगा काजल है ....
एक कोरेसे इंतज़ारमें बरस जाता है दिल ,
एक कोरेसे वीराने को तरस जाता है दिल ,
बस इस कोरी गर्माहटसे पिघल जाता है सागर ,
कुछ बुँदे भरकर बरसाता है एक जड़ी सावनकी ,
बस गिले गिले सिले सिले नज़ारेमें छलक जाता है दिल ....

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