22 मई 2010

आज की शाम

कल कहीं खो ना जाना इस दुनिया के झमेलेमें ,

बस आज की शाम हमने तुम्हारे नाम कर दी है ,

नज़रोंसे ओज़ल रहेंगे हम कल से

पर वो तुम्ही हो जिससे हमने मोहब्बत कर ली है ...

3 टिप्‍पणियां:

  1. वाह क्या रचना प्रस्तुत की आपने..सुंदर भावपूर्ण और लयबद्ध

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  2. खूबसूरत शब्दों से संजोयी खूबसूरत रचना.... खूबसूरती से दिल को छू गई....

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