3 सितंबर 2009

कैसे कहें ???

एक दोस्त से बिछड़ना है कल मुझे ....

पता नहीं कैसे काटेंगे उसके बगैर ये दिन ...

आज कलम भी जवाब देने लगी है मुझे ....

बस उसे भी शब्दों की खोज है कुछ कह पाने के लिए ....

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