21 फ़रवरी 2012

फिर कोई रोशनीसे दामन भर गया


एक दिन बुरा सपना बनकर आता है ,
तो रातको फिर कोई ख्वाबोंको टटोलता है ...
ख्वाब कहते है दिनको भूल जा बुरे ख्वाबकी तरह ,
चल मैं जीना सिखा दूँ तुझे एक हकीकत बनकर .....
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मायूसीके घेरे भी कभी बनते है करीबीका कारण,
कोई तब  आकर पूछता है कैसा है दोस्त हाल तेरा ????
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यारी निभानेके लिए कोई वादा जरुरी नहीं ,
हो सके तो यारके लिए जीनेकी वजह बनकर देखो .......
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एक छंटता हुआ बादल पीछेसे सूरज छोड़ गया ,
देखो अँधेरेको चीरकर फिर कोई रोशनीसे दामन भर गया .....

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