7 फ़रवरी 2012

दिल झुकता है किसीकी तरफ

दिल झुकता है किसीकी तरफ 
और गैरसा बन जाता है खुद के लिए ,
दिल तो हमारा होता है पर 
किसीका हो जानेके लिए हमारी इजाजत नहीं लेता .....
=========================================
बेखुदीकी वो इन्तेहाँ हो गयी ,
उनके इंतजारमें एक और शाम हो गयी ,
वो आकर बैठे है मेरे बाजुमें ,
उनके खयालोकी गली न छोड़ पानेकी गुस्ताखी हो गयी ....
=========================================
उनके चेहरेसे नज़र नहीं हटती हमारी ,
और वो है की पलकें झुकाए बैठे है ....
उठा दोगे पलकोंकी चिलमन हौलेसे ,
तो प्यारकी  कसम उस नज़रमें हम डूब जायेंगे !!!!
=========================================
हसीनोके सितम भी हसीं होते है ,
वार होते है नज़रोके और दिल इश्कमें घायल होते है .....

1 टिप्पणी:

विशिष्ट पोस्ट

मैं यशोमी हूँ बस यशोमी ...!!!!!

आज एक ऐसी कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ जो लिखना मेरे लिए अपने आपको ही चेलेंज बन गया था । चाह कर के भी मैं एक रोमांटिक कहानी लिख नहीं पाय...