11 दिसंबर 2011

सितारोंको गिना था ,

कल अधखुली आँखोंसे सितारोंको गिना था ,
एक सितारा दुसरेसे पूछ रहा था ,
आज चाँद लाल क्यों है ???
तो कहा हँसते हुए धरतीने
आज उसकी मिलन रात है उसके पिया सूरजसे ,
मौनकी शहनाईके सुर सुनो ,
बस आज आँखे मूंदकर उनकी ख़ुशीको अश्कके फूल चढाओ............
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ये कहानी है प्यारकी ,
जो हर युगमे तनहा रहा है ,
लोग कहते है दिलमे बसता है ,
और धड़कन बन जाता है ,
फिर क्यों धड़कन रुक जाने पर भी
प्यारकी दास्ताँ जिन्दा रह जाती है ???

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