1 सितंबर 2010

तलाश मुझे भी है

जिस कदर तनहा गुजरता रहा सफ़र ,हमें तनहाई भी रास आ गयी ,
कहीं घनघोर रातमें भी एक रोशनी की किरन नज़र आ गयी ,
एक उम्मीद पर हम सफ़र करते है की कोई तो हमखयाल मिलेगा ,
मुझे मिलने की उम्मीदमें कोई और भी मेरी तलाशमें होगा ....

3 टिप्‍पणियां:

  1. मुझे मिलने की उम्मीदमें कोई और भी मेरी तलाशमें होगा ...

    बहुत अच्छी प्रस्तुति

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  2. जय श्री राधे कृष्णा ....aapko or aapke pariwar ko jamashthmi par bahut bahut badhai!!

    मुझे मिलने की उम्मीदमें कोई और भी मेरी तलाशमें होगा .... wahh kya baat hai !!

    उत्तर देंहटाएं

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