8 नवंबर 2009

ऐ लो कर लो बात ...

आज बुध्धिमानोंकी बात :

दो ज्ञानी बातें कर रहे थे ॥

पहलेने पूछा : चाँद और एफिल टावर दोनोंमेंसे दूर कौन ?

दुसरेने कहा : सिंपल यार ,एफिल टावर ....

पहलेने पूछा : वो कैसे ?

दुसरेने कहा : छत पर जातो तो चाँद दिख जाता है एफिल टावर नहीं ...तो दूर कौन ???

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पहले ने पूछा : मैं एक चीज पन्द्रह रुपये और पचहत्तर पैसेमें खरीदु और उसे सोलह रुपये और पच्चीस पैसेमें बेचूं तो मुझे लाभ होगा या नुकसान ?

दुसरेने कहा : रुपये के मामले में एक रुपये का लाभ और पैसे के मामलेमें पचास पैसे का नुकसान ....

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एक दिन एक चरवाहे के पास एक आदमीने भैंस खरीदी ...दुसरे दिन वापस आए ....अरे मैंने पुरे छ हजार देकर इसे ख़रीदा और इसकी एक आँख तो बंद है ..ये कानी है ....

चरवाहेने ठंडे कलेजे से पूछा : पहले ये बताओ आपको इसका दूध चाहिए या इससे कढाई बुनाई करवानी है ???

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4 टिप्‍पणियां:

  1. हमें तो दूध ही चाहिए। बढ़िया है।

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  2. हा-हा-हा। बिल्कुल सही, दूध ही तो चाहिए ... कढ़ाई-बुनाई तो नहीं। वाह प्रीती जी, आपका यह लेखन काफी रोचक रहा।

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