30 अक्तूबर 2009

सुनो दिलकी कभी कभी ...

नई बहारमें नए मंजर की तलाश है ,

सब कुछ पास होते भी ना जाने किसकी तलाश है ,

दिल कहता है वो आएगा जरूर आएगा ,

क्योंकि मुझे नहीं मेरे दिल को उसकी आस है .......

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जब वो मिले तब एक बार भी ना सोचा ,

लेकिन जब पढ़ा उन्हें बार बार उन्हें ही सोचा ,

मिलने पर कुछ कह नहीं पाते कभी उन्हें ,

पर लगा उन्होंने भी अब हमारे बारेमें सोचा ....

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4 टिप्‍पणियां:

  1. दिल कहता है वो आएगा जरूर आएगा ,

    क्योंकि मुझे नहीं मेरे दिल को उसकी आस है .......
    waah behtarin

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  2. सब कुछ पास होते भी ना जाने किसकी तलाश है ,यही तो बेचैनी है.

    उत्तर देंहटाएं
  3. मिलने पर कुछ कह नहीं पाते कभी उन्हें ,

    बहुत अच्छा है।

    उत्तर देंहटाएं

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