13 अक्तूबर 2009

साजिश ...

साजिश करते है फूल कभी शाम होते ही

अपनी पंखुडियों में सिमट जाते है ,

कोई गुल सूरजसे शर्माता है

और रात में निखर आता है .....

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जब मिलते है एक अनदेखी दूरियाँ होती है ,

आंखोंमें हरारत होती है और फ़िर भी हया की चिलमन होती है ....

5 टिप्‍पणियां:

  1. जब मिलते है एक अनदेखी दूरियाँ होती है ,

    आंखोंमें हरारत होती है और फ़िर भी हया की चिलमन होती है ....
    yahi tho ishq ki pehli sidhi ki shuruwat hoti hai:),behad khubsurat baat waah

    उत्तर देंहटाएं
  2. कोई गुल सूरजसे शर्माता है

    और रात में निखर आता है .....
    बहुत सुन्दर

    उत्तर देंहटाएं
  3. कोई गुल सूरजसे शर्माता है

    और रात में निखर आता है .....

    पढ़ने वाले को उसकी अपनी कथा लगती है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. कई बार पढने को मजबूर करती पंक्तियाँ ! बहुत बढिया !

    उत्तर देंहटाएं

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