11 अगस्त 2010

दम ब दम

दम ब दम दिल धड़कने लगा ,
दम ब दम मैं खोने लगा ,
दम ब दम मूंदी आँखोंमें तेरा चेहरा दिखने लगा ,
दम ब दम मैं रातोंकी नींदों में भी जागने लगा .....
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सितारोंमें देखते देखते खोने लगे जब ,
तेरे गुमशुदा ख्वाबों को ढूँढने लगे जब ,
बस हीर की चाहत लिए हम जीने लगे ,
तब हीरको ही रान्ज़ाके लिबासमें पाने लगे ...

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