4 मई 2010

हाइकु : जन्मदिन पर मेरे ...

सपने देखो

सूरजकी लालिमा

न्यौता दे रही आज ...

================

ख़ुशी के पल

चल दिए गम भी

हंसके दूर ......

================

जश्नका मौका

भूलाकर गमको

हँसते रहो .....

================

गुजारिश है

गूंजती रहे गली

हँसीसे सदा ........

4 टिप्‍पणियां:

  1. आपक्को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं......

    उत्तर देंहटाएं
  2. सांझ में
    नदी पर पुल
    और पुल पर टंगा अंधेरा....

    मोती सा नयननीर
    अटका है जीवन के
    किसी क्षणिकांश में....

    उत्तर देंहटाएं
  3. जन्मदिन पर हँसते रहने की दुआ से बढ़ कर क्या ...!!
    बहुत बधाई व शुभकामनायें ...!!

    उत्तर देंहटाएं
  4. जन्मदिन की बहुत बधाई व शुभकामना

    उत्तर देंहटाएं

विशिष्ट पोस्ट

मैं यशोमी हूँ बस यशोमी ...!!!!!

आज एक ऐसी कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ जो लिखना मेरे लिए अपने आपको ही चेलेंज बन गया था । चाह कर के भी मैं एक रोमांटिक कहानी लिख नहीं पाय...