1 जनवरी 2010

हे भगवान ...!!!


"हे भगवान !
मेले मम्मी पापा को एक दिन के लिए छोटा बना दे औल मुझे बड़ी बना दो ..तो मैं भी उनको होम वल्क नहीं क्लने के लिए उनको भी पनिश कलूँगी औल उनको त्ठेलने के लिए मना कल दूंगी ....."

और ये मेरी प्रार्थना सब के लिए :

बस इन बच्चों का बचपन उनसे मत छिनिये ,उनको किताबोंके भारीभरकम बेगो से मत लादिये , उनको अपनी महत्वाकांक्षा की बली मत चढाओ , उन्हें शुध्ध पर्यावरण ,पौष्टिक खाना ,और खेलने खुलने और पनपने के लिए अवसर दे दीजिये इस नए दशक की शुरुआत येही कहती है .....

आमीन ...................!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

5 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सही पोस्‍ट .. आपके और आपके पूरे परिवार के लिए भी नववर्ष मंगलमय हो !!

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  2. नववर्ष मंगलमय हो व आपको नव वर्ष 2010 की हार्दिक शुभकामनाएं।
    सुन्दर प्रस्तुती - बाल मन की ।

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  3. सही कहा..अभी कल की ही बात हॆ मेरे घर मे कुछ मेहमान आये थे वे मेरी भाजीं को जो अभी ५ साल की हॆ उसे कई बार प्यार से ही उसके सिर पर हल्की चपत लगा देते थे। २-३ बार शान्त रहने के बाद वो बोली मारो- मारो जब मॆं बडी हो जाऊंगी तब आपके लिये खूब प्यार से खाना बनाऊगीं पर केवल मिर्ची की तब मालुम होगा....

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