30 नवम्बर 2009

नींद का झोका

कभी तडके भी आ जाते है नींदके झोके

बिन मौसम बरसातकी तरह तुम्हारा दीदार लिए .....

=====================================

कोई बुलाये मुझे ,कोई भुलाये मुझे ,

जाऊं वहीं जहाँ मन चाहे

किसीके भुलाने या बुलाने से

क्या वास्ता मेरा इस प्यारमें ???

2 टिप्पणियाँ:

  1. कभी तडके भी आ जाते है नींदके झोके

    बिन मौसम बरसातकी तरह तुम्हारा दीदार लिए .....

    waah bahut khub.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं