31 दिसंबर 2011

साथ साथ चलकर !!!!

बहुत कुछ पाकर भी व्यथा क्यों है चेहरे पर ???
देखो बहुत कुछ खोकर भी खुश रह सकती है जिंदगी !!!!!
क्या खोया क्या पाया ये मत सोचो कभी ,
तुम्हारा खोना किसीका पाना था ,
किसीने कुछ खोया होगा जो तुमने पाया है !!!
बस एक नज़र देख लो मुड़कर
ये वक्तकी बहती लहर को ...
तुम्हे यहीं छोड़कर आगे निकल रही है जो !!!!
एक मुस्कराहट जो खिली है आने के लिए ,
उसे मत रोको अभी ,
आने वाले वक्त के लिए उसे बिखेर दो फिजाओंमें ....
कल फिर एक नया सपना देखना है
मुझे और तुम्हे !!!
साथ मिलकर ...साथ साथ बैठकर ...साथ साथ चलकर !!!!

3 टिप्‍पणियां:

  1. आगत विगत का फ़ेर छोडें
    नव वर्ष का स्वागत कर लें
    फिर पुराने ढर्रे पर ज़िन्दगी चल ले
    चलो कुछ देर भरम मे जी लें

    सबको कुछ दुआयें दे दें
    सबकी कुछ दुआयें ले लें
    2011 को विदाई दे दें
    2012 का स्वागत कर लें

    कुछ पल तो वर्तमान मे जी लें
    कुछ रस्म अदायगी हम भी कर लें
    एक शाम 2012 के नाम कर दें
    आओ नववर्ष का स्वाकर कर लें

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुन्दर
    अभिव्यक्ति.........नववर्ष की शुभकामनायें.....

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुन्दर अभिवयक्ति....नववर्ष की शुभकामनायें.....

    उत्तर देंहटाएं

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